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वोह हसीन चेहरा और ख़ूबसूरत आँखे
अक्सर आते हैं ख़्वाब-ओ-ख़यालों में!


- मनोज 'मानस रूमानी'
वोह झाँक लेती है फूलों की खिड़की से... 
नज़ारा जो रोशन है उसके नूर-ए-हुस्न से!

- मनोज 'मानस रूमानी'
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चाँदनी रात में हसीन ताज़ को देख़कर करेंगे प्यार 
क्योंकी चाँद नही..मोहब्बत की निशानी है ताज़..!

- मनोज 'मानस रूमानी'